भ्रष्टाचार उन्मूलन में जवाबदेही और नैतिकता प्रमुख भूमिका निभाते हैं: पुलिस अधीक्षक, केंद्रीय जाँच ब्यूरो    02-Nov-2018     Read in English


केंद्रीय जाँच ब्यूरो, विशाखपट्टणम के पुलिस अधीक्षक एवं ब्यूरो के अध्यक्ष श्री एस बी शंकर ने सभी को अपने दायित्वों के निर्वाह में सतर्क रहने एवं जवाबदेही बरतने की आवश्यकता पर बल दिया।  उन्होंने यह भी कहा कि इससे संगठन में भ्रष्टाचार में कमी आएगी एवं बेहतर निगमित अभिशासन में पारदर्शिता के स्तर बढ़ेंगे।  वे आज उक्कुनगरम में आर आई एन एल-वी एस पी के सतर्कता विभाग द्वारा आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह के समापन समारोह के मुख्य अतिथि थे।  उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए श्री शंकर ने कहा कि संगठन की विभिन्न प्रणालियों में सुधार लाने हेतु कर्मचारियों को बेहतर नैतिक मूल्यों को निष्ठापूर्वक अपनाना चाहिए।  उन्होंने ‘भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम 1988’ के संशोधन का विवरण दिया।  उन्होंने वैयक्तिक स्तर पर भ्रष्टाचार के उन्मूलन हेतु अध्यात्मिक नैतिकता भरी सोच को अपनाने पर जोर दिया।  उन्होंने निवारक सतर्कता के विभिन्न दृष्टांतों का उल्लेख किया एवं कहा कि सतर्कता एक अनवरत प्रक्रिया है, जिसे समाज में भ्रष्टाचार के उन्मूलन हेतु नियमित रूप से अपनाया जाना चाहिए।  इस अवसर पर आर आई एन एल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री पी के रथ ने कहा कि सतर्कता ऐसा महत्वपूर्ण उपकरण है, जिससे नैतिक मूल्यों में सुधार एवं अखंडता को बनाये रखने में सहयोग मिलता है और संगठन में पारदर्शिता के स्तर बढ़ाने हेतु इसका उपयोग किया जाना चाहिए।सतर्कता के माध्यम से संगठन के समक्ष विद्यमान विभिन्न प्रकार के अवरोधों को पहचानकर सुधारात्मक उपाय किये जा सकते हैं, ताकि संगठन की निगमित छवि बढ़े।  उन्होंने सतर्कता विभाग द्वारा सप्ताह भर संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मचारियों में सतर्कता के प्रति जागरूकता लाने के प्रयासों हेतु बधाई दी।  आर आई एन एल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सी वी ओ) श्री पी जे विजयकर, आई एफ एस ने कहा कि समाज में पारदर्शिता बढ़ाने एवं भ्रष्टाचार के दक्षतापूर्ण उन्मूलन की अत्यंत आवश्यकता है, जिससे भ्रष्टाचार मुक्त समाज का निर्माण हो सके।  उन्होंने जनता को भ्रष्टाचार के शिकार होकर चुप बैठे रहने एवं स्वयं के पतन का कारण बने रहने से आगाह किया।  उन्होंने कहा कि सामाजिक जीवन में ईमानदारी एवं जवाबदेही को बढ़ावा देकर भ्रष्टाचार से निजात पाने में सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।  आर आई एन एल को भ्रष्टाचार मुक्त संगठन बनाने हेतु उन्होंने कर्मचारियों को आमंत्रित का आह्वान किया।  आई एन एल के निदेशक (वाणिज्य) श्री पी रायचौधरी, निदेशक (कार्मिक) श्री के सी दास, निदेशक (वित्त) श्री वी वी वेणुगोपाल राव, कार्यपालक निदेशक गण, महाप्रबंधक गण, स्टील एक्जेक्यूटिव असोसिएशन, श्रमिक संघों, विप्स, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति संघ के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।  उक्कुनगरम के स्कूली बच्चों एवं कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार से होनेवाले खतरे पर आयोजित स्किट व छाया प्रदर्शन ने दर्शकों को मोह लिया।  इस अवसर पर भारत के राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, मुख्य सतर्कता आयुक्त के संदेशों का पठन किया गया।  तत्पश्चात अतिथियों ने इस अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये।