आर आई एन एल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री पी के रथ द्वारा एन आर - एच आर कोक उत्पादन प्रौद्योगिकी की वैश्विक स्थिति पर संगोष्ठी का उद्घाटन    08-Feb-2019     Read in English


आर आई एन एल-वी एस पी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री पी के रथ ने आज उक्कुनगरम में ‘एन आर-एच आर कोक उत्पादन प्रौद्योगिकी की वैश्विक स्थिति’ पर दो-दिवसीय अखिल भारतीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया।   संगोष्ठी आर आई एन एल – वी एस पी एवं विशाखपट्टणम के आई आई एम चैप्टर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई है।  उद्घाटन समारोह के अवसर पर श्री रथ ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय इस्पात नीति 2017 के अनुसार, भारत में 2030 तक 300 मिलियन टन ठोस इस्पात उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है और इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु मौजूदा, परिकल्पित इकाइयों एवं कोक के आयात के अलावा 30 एम टन कोक के उत्पादन की आवश्यकता है।  उन्होंने नई कोक ओवन बैटरियों की स्थापना के समय उपलब्ध संसाधनों के इष्टतमीकरण एवं लागत प्रभावी प्रौद्योगिकियों को तलाशने की आवश्यकता पर बल दिया।  श्री रथ ने कहा कि धात्विक कोक के उत्पादन में मौजूदा पद्धतियों में से एक पद्धति नॉन-रिकवरी/हीट रिकवरी (एन आर-एच आर) ओवेन हैं, जो वर्तमान में चीन, भारत, अमेरीका, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और कोलंबिया में स्थापित हैं।  उन्होंने कहा कि उप-उत्पादों अथवा पारंपरिक ओवेन की तुलना में एनआर-एचआर ओवेन से कम पूंजी लागत, उच्च ऊर्जा-दक्षता, बेहतर पर्यावरण संरक्षण, कोकिंग क्षमता में वृद्धि और इस्पात उद्योग में कम प्रदूषण जैसे आकर्षक फायदे हैं।  उन्होंने आशा व्यक्त की कि संगोष्ठी में विस्तारपूर्वक चर्चा होगी और प्रौद्योगिकी एवं उसके लाभों पर विचार-विमर्श होगा।  निदेशक (वाणिज्य) और प्रभारी निदेशक (परियोजना) श्री पी रायचौधरी ने माना कि नॉन-रिकवरी / हीट रिकवरी कोक बनाने की तकनीक विशेष रूप से भारत जैसे विकासशील देशों, जहाँ कोयले की कमी की समस्या है, के भविष्य के लिए एक आशाजनक तकनीक होगी।  उन्होंने बताया कि आर आई एन एल जैसे समग्र इस्पात संयंत्र नई तकनीकों के उपयोग के माध्यम से प्रतिस्पर्द्धी मूल्य पर इस्पात के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।  आर आई एन एल के निदेशक (वित्त) श्री वी वी वेणुगोपाल राव ने कहा कि आर आई एन एल शुरू से ही अपने प्रचालनों में नवीनतम तकनीकों को अपनाने में हमेशा अग्रणी रहा है और लागत-प्रभावी इस्पात उत्पादक बनने के लिए प्रौद्योगिकियों का उन्नयन कार्य जारी रखा है। कार्यपालक निदेशक (संकर्म) प्रभारी श्री ओ आर रमणी, कार्यपालक निदेशक (परियोजना) श्री आर नागराजन ने कम प्रदूषण के साथ उच्च गुणवत्तापूर्ण कोक के उत्पादन के महत्व पर बल दिया। इससे पहले कार्यपालक निदेशक (मिल्स एंड लॉजिस्टिक्स) एवं विशाखपट्टणम के आई आई एम चैप्टर के अध्यक्ष श्री के के घोष ने प्रतिभागियों का स्वागत किया।  महाप्रबंधक (क्यू ए एंड टी डी) श्री ए के सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। आई आई एम, वाइजाग चैप्टर के सचिव श्री उत्पल पारुई ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर आर आई एन एल के कार्यपालक निदेशक गण, विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। संगोष्ठी में कोक निर्माण उद्योगों, विभिन्न इस्पात संयंत्रों, मेकॉन, एम एन दस्तूर एंड कंपनी के कई प्रतिनिधियों एवं कोक ओवेन परामर्शदाताओं ने भाग लिया।