माननीय केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते का वाइजाग स्टील में आगमन    08-Aug-2019     Read in English


माननीय केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते 8 अगस्त, 2019 को पहली बार वाइजाग स्टील में पधारे। आर आई एन एल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री पी के रथ के नेतृत्व में आर आई एन एल के प्रबंधन ने हिल टॉप गेस्ट हाउस में उनके आगमन पर उनका भव्य स्वागत किया।  केंद्रीय इस्पात मंत्री ने विशाखा स्टील जनरल अस्पताल में ब्लड बैंक के अत्याधुनिक ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर इक्विपमेंट का उद्घाटन किया (इस इक्विपमेंट से खून के एक बैग से पैक्ड सेल्स, प्लेटलेट्स, एफ एफ टी और क्रियोप्रेसिपिटेट आदि कंपोनेंट्स की चार जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति होती है)।  उन्होंने अपने संयंत्र दौरे के समय संयंत्र का मॉडल रूम व अवार्ड गैलरी, कोक ओवेन बैटरी, धमन भट्ठी-3, इस्पात गलन शाला-2 और वॉयर रॉड मिल-2 का संदर्शन किया। अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री रथ ने उन्हें संयंत्र के प्रचालन में अपनाई गई अद्यतन प्रौद्योगिकियों एवं सुविधाओं का विवरण दिया। मंत्री महोदय संयंत्र में अपनाये गये हरित व स्वच्छ पर्यावरण से अत्यंत संतुष्ट हुए एवं उन्होंने वाइजाग स्टील को ‘देश का अत्यंत पर्यावरण मैत्री इस्पात संयंत्र’ का नाम दिया।  तत्पश्चात, मंत्री महोदय ने प्रबंधन के निगमित प्रस्तुतीकरण का अवलोकन किया। इस अवसर पर श्री फग्गन सिंह ने वरिष्ठ प्रबंधन को संबोधित करते हुए कहा कि इस्पात मंत्रालय, राष्ट्रीय इस्पात नीति 2017 में परिकल्पित अनुसार 2030-31 तक 300 एम टन के लक्ष्य की प्राप्ति के क्रम में इस्पात की खपत बढ़ाने हेतु अन्य मंत्रालयों से लगातार संपर्क कर रहा है।  उन्होंने कहा कि भारत सरकार देश में मूलसंरचनात्मक विकास, गृह निर्माण परियोजनाओं, सड़क परियोजनाओं आदि पर ध्यानकेंद्रित कर रही है, जिससे इस्पात उद्योग को वर्तमान चुनौतीपूर्ण स्थिति से उबरने में सहयोग मिलेगा। उन्होंने प्रतिस्पर्द्धी बाजार में सफलता प्राप्त करने की दिशा में सुरक्षा, गुणवत्ता एवं उत्पादकता पर ध्यानकेंद्रित करने हेतु बल दिया और कहा कि आर आई एन एल के उत्कृष्टता हासिल करने से संबंधित सभी प्रयासों में इस्पात मंत्रालय भरपूर सहयोग देगा। कार्यक्रम में निदेशक (कार्मिक) श्री के सी दास, निदेशक (वित्त) श्री वी वी वेणुगोपाल राव,  निदेशक (वाणिज्य) श्री डी के मोहंती एवं वरिष्ठ प्राधिकारी उपस्थित थे।  इस अवसर पर उन्होंने स्टील एक्जेक्यूटिव असोसिएशन, श्रमिक संघों, विप्स, अन्य पिछड़े वर्ग एवं अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया।